हिफ़्ज़ प्लेयर
आयत-दर-आयत सुनें, दोहराव चुनें और सटीक रेंज लूप करें।
कीबोर्ड: Space चलाएँ/रोकें · ← → पिछली/अगली आयत
✓ अरबी पाठ: उथ्मानी लिपि (Tanzil-verified), Al Quran Cloud के माध्यम से।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ﴿١﴾
Alam nashrah laka sadrak
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ ﴿٢﴾
Wa wa d'ana 'anka wizrak
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ ﴿٣﴾
Allazee anqada zahrak
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ﴿٤﴾
Wa raf 'ana laka zikrak
और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿٥﴾
Fa inna ma'al usri yusra
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا ﴿٦﴾
Inna ma'al 'usri yusra
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ ﴿٧﴾
Fa iza faragh ta fansab
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
- जुज़ 30 · पृष्ठ 596
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب ﴿٨﴾
Wa ilaa rabbika far ghab
और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो