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हिफ़्ज़ · 6 min · अपडेट 2026-08-24

जिब्रील ने नबी ﷺ के साथ क़ुरआन की समीक्षा कैसे की

सहीह अल-बुख़ारी 4998 में है कि जिब्रील عليه السلام हर वर्ष नबी ﷺ के साथ क़ुरआन की समीक्षा करते थे और आपके अंतिम वर्ष में दो बार।

दलील और मार्गदर्शन

सहीह अल-बुख़ारी 4998 में है कि जिब्रील عليه السلام हर वर्ष नबी ﷺ के साथ क़ुरआन की समीक्षा करते थे और आपके अंतिम वर्ष में दो बार। इससे मुराजअह का महत्व स्पष्ट होता है।

इसे कैसे अपनाएँ

हिफ़्ज़ में नई याद को पुरानी याद पर हावी न होने दें। रोज़ाना नई समीक्षा, साप्ताहिक संचयी समीक्षा और समय-समय पर लंबी मुराजअह रखें। आधुनिक समय-सारणी व्यावहारिक तरीका है, अपने आप में अवतरित सुन्नत नहीं।