Hifd
हिफ़्ज़ प्लेयर
आयत-दर-आयत सुनें, दोहराव चुनें और सटीक रेंज लूप करें।
आयत 1में से 3 · Mahmoud Khalil Al-Husary
कीबोर्ड: Space चलाएँ/रोकें · ← → पिछली/अगली आयत
0:000:00
✓ अरबी पाठ: उथ्मानी लिपि (Tanzil-verified), Al Quran Cloud के माध्यम से।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
- जुज़ 30 · पृष्ठ 602
إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿١﴾
Innaa a'taina kal kauthar
(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,
- जुज़ 30 · पृष्ठ 602
فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿٢﴾
Fa salli li rabbika wanhar
तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो
- जुज़ 30 · पृष्ठ 602
إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾
Inna shani-aka huwal abtar
और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा