हिफ़्ज़ प्लेयर
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✓ अरबी पाठ: उथ्मानी लिपि (Tanzil-verified), Al Quran Cloud के माध्यम से।
- जुज़ 30 · पृष्ठ 598
بِّسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ إِنَّآ أَنزَلْنَٰهُ فِى لَيْلَةِ ٱلْقَدْرِ ﴿١﴾
Innaa anzalnaahu fee lailatil qadr
हमने (इस कुरान) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया
- जुज़ 30 · पृष्ठ 598
وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ ﴿٢﴾
Wa maa adraaka ma lailatul qadr
और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है
- जुज़ 30 · पृष्ठ 598
لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ خَيْرٌۭ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍۢ ﴿٣﴾
Lailatul qadri khairum min alfee shahr
शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है
- जुज़ 30 · पृष्ठ 598
تَنَزَّلُ ٱلْمَلَٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍۢ ﴿٤﴾
Tanaz zalul malaa-ikatu war roohu feeha bi izni-rab bihim min kulli amr
इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं
- जुज़ 30 · पृष्ठ 598
سَلَٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِ ﴿٥﴾
Salaamun hiya hattaa mat la'il fajr
ये रात सुबह के तुलूअ होने तक (अज़सरतापा) सलामती है